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अभी अभी हुआ बड़ा खुलासा: पुलिसवाले मिलकर यहाँ करते थे महिलाओं का रेप

rape-41राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एक खुलासे में बताया है कि छत्तीसगढ़ के बस्तर में पुलिसकर्मियों द्वारा कई महिलाओं का रेप और यौन उत्पीड़न भी किया गया। आयोग की माने तो साल 2015 में छत्तीसगढ़ में पुलिस वालों ने कुल 16 आदिवासी महिलाओं का रेप किया गया था। इसके साथ ही साथ कई अन्य आदिवासी महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न की हरकत भी की गई थी। शनिवार को NHRC की तरफ से एक रिपोर्ट पेश कर नवंबर 2015 में बस्तर में हुए आदिवासी महिलाओं के यौन उत्पीड़न पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

महिलाओं का रेप

आयोग का आरोप है कि नवंबर 2015 में पुलिसवालों ने बीजापुर जिले के पेगदापल्ली, पेद्दागेलुर, गुंडम, चिन्नागेलुर और बर्गीचेरू गांवों में महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बनाया था और उन्होने महिलाओं के प्राइवेट पार्ट्स को नुकसान भी पहुंचाया था।आयोग ने अपने सूत्रों के जरिए मिली जानकारी पर पुलिसकर्मियों की ओर से की गई ज्यादती के खिलाफ उनकी जांच शुरू की थी। इस जांच के लिए ऐसी 20 महिलाओं के बयान रिकॉर्ड किए जाने हैं। जिनके साथ सुरक्षाबलों ने दुराचार करने का प्रयास किया।

यौन उत्पीनड़न जैसे जघन्य आपराध से जुड़े मामलों के खिलाफ कुल 34 महिलाओं ने आयोग से शिकायत की। जांच के दौरान पाया कि सभी पीड़ित महिलाएं आदिवासी थीं इसके बावजूद रिपोर्ट्स दर्ज करते वक्त पुलिस ने जानबूझ कर एससी-एसटी एक्ट का पालन नहीं किया। आयोग ने छत्तीसगढ़ सरकार से सवाल करते हुए कहा कि  कहा कि उसे राज्य में 34 महिलाओं की तरफ से शारीरिक शोषण जैसे रेप, यौन उत्पीड़न, शारीरिक उत्पीड़न जैसी तमाम शिकायतें मिलीं और उन्होने सुरक्षाकर्मियों पर ये सभी आरोप लगाए हैं। साथ ही आयोग ने संबंधित मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि सरकार की ओर से पीड़ितों के लिए 37 लाख रुपये का अंतरिम बजट आखिर क्यों नहीं पास किया जाना चाहिए?

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