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ज्यादा नींद भी दे सकती है घातक बीमारी

behtar-neend-ke-upay-slsनींद न आना और ज्यादा नींद आना दोनों ही बीमारियों के लक्षण होते हैं। नींद नहीं आती तो हम चिंतित हो जाते हैं लेकिन ज्यादा नींद आने पर नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे लक्षण सबसे ज्यादा विधार्थियों और नॉन वर्किंग पुरुष और महिलाओं दोनों में दिखते हैं|

ज्‍यादा सोने की वजह से लोग अपना 100 परसेंट नहीं दे पाते| ऑफिस के काम और पढ़ाई में ज्‍यादा फोकस न कर पाने की वजह से पीछे रह जाते हैं। इसके पीछे गलत खान-पान और अव्‍यवस्थित दिनचर्या बड़ा कारण है।

डॉक्टरों के मुताबिक बार-बार नींद आने का कारण एक प्रकार की बीमारी भी हो सकती है। “हायपरसोम्निया” के नाम से जानी जाने वाली इस बीमारी में जरूरत से ज्‍यादा नींद आती है। यह बीमारी स्‍वास्‍थ्‍य को नुकसान पहुंचाती है। हायपरसोम्निया से पीड़ित व्यक्ति रात को पूरी नींद लेने के उसे दिनभर नींद आती रहती है।

ज्यादा नींद कम करने के लिए क्‍या करें-

योग करें-

प्रतिदिन योग करें। वज्र आसन करने से नींद कम आती है। ज्‍यादा नींद आने की वजह से फोकस करने में प्रोब्‍लम होती है। इसे करने से आपका ध्‍यान भी नहीं भटकेगा और आप फोकस कर सकेंगे।

ऐसे भोजन से करें परहेज-

ज्‍यादा लींद आने वाले लोगों को अधिक मसालेदार और तले हुए भोजन से परहेज करना चाहिये | हमेशा हल्का और सात्विक और जल्दी पचने वाले भोजन ही करना चाहिए | रात में हल्‍का भेजन करें। फैट युक्‍त भोजन न खाएं। विटामिन C से भरपूर फलों का सेवन करे जैसे मौसंबी, संतरा , निम्बू खाएं।

पढ़ते समय खाएं पान-

यदि आपको पढ़ते समय सिर में दर्द होता है तो एक पान के पत्ते में लौंग को रख कर खाएं। इसे खाने से पढ़ते समय आपके सिर में दर्द नही होगा , नींद नही आएगी |

काजल नहीं होने देगा आंखे को बंद-

आँखों में काजल लगाने और घोड़ावज का बारीक पिसा हुआ चूर्ण सूंघने से नींद कम आती है|

पानी पिएं-

अक्‍सर थकन और सुस्‍ती की वजह से भी नींद आती है। रोज सुबह उठकर पानी पिएं।

ऐरोबिक्स करें-

शोधकर्ताओं ने इस पर शोध करने के लिए कुछ लोगों को एकत्रित करके उनके ब्लड सैम्पल लिए। यह वे लोग थे जो इस बीमारी से ग्रस्त हैं, लेकिन इससे निजात पाने के लिए ऐरोबिक्स कर रहे हैं। डॉक्टरों को ब्लड सैम्पल से पता चला कि इनमें से अधि‍क लोग डिप्रेशन का शिकार हैं। डिप्रेशन की वजह से वह अच्‍छी नींद लेने के बाद भी फिर से सोना चाहते थे।

ऐरोबिक्स एक व्यायाम की तरह होता है। ये डिप्रेशन जैसे हालात में काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

यदि आपको जरूरत से ज्‍यादा नींद आती है, तो डॉक्टर की सलाह के साथ ऐरोबिक्स भी शुरू करें।

 

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