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बैंकिंग में मैथ्स और रीजनिंग अब नहीं बनेंगे बाधा

maths-tricks-in-hindiनई दिल्ली: अगर मैथ्स और रीजनिंग में आप कमजोर हैं या आपका मन नहीं लगता तो बैंकिंग में आप आगे नहीं बढ़ पाएंगे। ऐसे में अपनी योग्यताओं पर भी गंभीरता से विचार करें और उसी के अनुसार आगे की रणनीति बनाएं।

बैंक में अलग-अलग विभागों में कई तरह के काम होते हैं, जैसे कि कमर्शियल बैंकिंग, रीटेल बैंकिंग, लोन, मोर्गेज, क्रेडिट कार्ड, शिकायत निवारण आदि।

मैथ्स और रीजनिंग से न हों परेशान

इनमें आपको जो काम रुचिकर लगता हो, उसकी बारीकियों पर ध्यान दें और उसके लिए खुद को दक्ष बनाएं।

कारपोरेट फाइनेंस की बेसिक जानकारी, अच्छी कम्युनिकेशन स्किल, समस्याओं का समाधान तलाशने का हुनर, तनाव को हावी न होने देना, बैंकिंग से जुड़ी समसामयिक हलचलों की जानकारी, लीडरशिप क्वालिटी, कस्टमर की जरूरतों को समझने की क्षमता, धैर्यवान व्यक्तित्व का होना बहुत जरूरी है।

प्रोजेक्ट एनालिसिस, क्रेडिट अप्रेजल स्किल और फॉरेन एक्सचेंज की जानकारी भी आपके लिए उपयोगी साबित होगी।अन्य विकल्पों पर भी रखें नजरबैंकिंग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की तरह काम करती है।

इसलिए बैंकिंग में तजुर्बा हासिल करने के बाद आप कई दूसरे पेशों में भी स्विच करने की सोच सकते हैं, मसलन इंश्योरेंस, मार्केटिंग, पीआर, म्यूचुअल फंड्स, क्रेडिट रेटिंग, स्टॉक मार्केट आदि में आप अपने अनुभव का फायदा उठा सकते हैं।

 

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